HomeIndian Armyसबको मुसीबत में छोड भागे अशरफ गनी अमेरिका ने भी छोडा साथ

सबको मुसीबत में छोड भागे अशरफ गनी अमेरिका ने भी छोडा साथ

दोस्तों इस समय की सबसे बडी खबर आपको बताने जा रहा हु, जो खबर खुश करने वाली तो नहीं लेकिन दिल देहलाने वाली जरुर है, जी हा दोस्तों तालिबान ने आखिरकार अपना पंचम अफगान के राष्ट्रपती भवन पर लेहराया दिया, बीते एक महीने से जारी इस जंग को तालिबान ने आखिरकार जित ली, कल ही के विडियो में मैंने आप सभी से कहा था, की अशरफ गनी पर तालिबान ने इतना प्रेशर डाला की वो अपनी आधी नहीं तो पूरी सत्ता तालिबान को समर्पित करने पे मजबूर हो गए, दरअसल अफगानी न्यूज़ एजेंसी टोलो न्यूज़ के मुताबिक, कल श्याम अफघानिस्तान में सत्ता हस्तांतरण की प्रकिया पूरी की जा चुकी है, जिसके तहेत राष्ट्रपति अशरफ गनी ने तालिबान को अपनी सत्ता सौंप दी, और अफगान के नए राष्ट्रपती के तौरपर तालिबान के प्रमुख अली ऐमहद जलाली का नाम सबसे आगे लिया जा रहा है.

गौर करने वाली बात ये है की दुनिया के टॉप लीडर्स चाहते तो इस जंग की बडी आसानी से रोक सकते थे, और अफगान आज भी तालिबान से सुरक्षित रेहता, पर किसी ने भी एक्शन लेने के बजाय सिर्फ भाषणबाजी पर जोर दिया, यहाँ तक की अमेरिकी डिप्लोमैट्स को आननफानन में काबुल से ले जाते हेलिकॉप्टर की तस्वीर ने, पूरी दुनिया को हैरान कर दिया, इसके अलावा रविवार की सुबह जब तालिबान के लोगों ने अचानक से काबुल पर धावा बोल दिया, तो उसका विरोध करने के बजाय, अफगानी सरकार और उसकी सेना बिना कोई मुकाबला किए सरेंडर करती दिखायी पड़ी, जो सचमे हैरान कर देने वाली बात है, अफगानी सेना को लेकर अफगान के लोग काफी निराश है, और जबसे तालिबान को अफगान की सत्ता मिली तबसे अफगानी लोगो ने तालिबान के डर से अफगानिस्तान छोडना शुरू कर दिया है

और सबसे अचंबित करने वाली बात तो ये रही, की तालिबान को सत्ता सौपने के बाद अशरफ गनी सीधे देश छोड़कर भाग चले, उनकी इस हरकत को लेकर अफगान में काफी आलोचना भी की जा रही है, यहाँ तक की भारत में मौजूद अफगान के दूतावास से भी उनके खिलाफ ट्वीट किए, दरअसल उन्होंने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा, कि वे इसलिए अफगानिस्तान से भागे, ताकि लोगों को ज्यादा खून-खराबा ना देखना पड़े. मुझे एक कठिन निर्णय का सामना करना पड़ा, जिसमें लाखों काबुल निवासियों के भाग्य और 20 साल के युद्ध के बाद शहर की सुरक्षा दांव पर लगी थी, और जिसमें पेहले ही अनगिनत लोग मारे जा चुके थे, ऐसे में इस मुश्किल वक्त में मेरा मुल्क छोड़कर भागना ही सही था. हालांकि अशरफ गनी ने अपने वर्तमान स्थान की जानकारी का खुलासा नहीं किया है, पर समाचार एजेंसी अल जजीरा ने गनी के एक निजी अंगरक्षक का हवाला देते हुए कहा, कि गनी उनकी पत्नी, उनके चीफ ऑफ स्टाफ और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के साथ पड़ोसी देश उज्बेकिस्तान में ठेहरे है, खैर! अफगान तालीबान के नाम हो चुका है, अब वहा के लोंगो तालिबान के नए शासन के साथ ही जीना पड़ेगा, भारत ने भी एयर इंडिया का विमान भेजकर अपने सारे नागरिक वापिस बुला लिए है, लेकिन आप बताईये की अफगान की इस हार के लिए आप किसे जिम्मेदार ठहराएंगे,

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