HomeIndian Airforceचीन ने भारत भेजे परमाणु बॉम्बर भारत ने तुरंत भेजे सुखोई राफेल

चीन ने भारत भेजे परमाणु बॉम्बर भारत ने तुरंत भेजे सुखोई राफेल

दोस्तों अब सचमे लगने लगा है कि LAC विवाद कोई मामूली सैन्य बातचीत वाला मुद्दा नही रहा, जिसे कोर कमांडर्स की मीटिंग लेके हल किया जाये मानो दोनों ही देश युद्ध के कगार पे खडे है यहा तक कि दोनों पक्षों की ओर से अपने परमाणु हथियार तक LAC पर लाने का काम शुरू हो चुका है, मैने आपको 2 दिन पेहले ही वीडियो बनाकर सूचित किया था, की चीन के बेनतीजे रवैये को देखते हुए भारत को मजबूरन अपने परमाणु बॉम्बर्स सक्रिय करने पडे ताकि इससे तो चीन समझ जाएं कि वो अगर पीछे नही हटा तो इसके परिणाम क्या होंगे लेकिन चीन के पास दिमाग नाम की कोई चीज हो तो उसे ये बाते समझ आये बल्कि वो तो इस मुद्दे को ओर भी भडकाने पे काम कर रहा है और आज एक बार फिर चीन की तरफ से ऐसी हकरत की गयी कि भारत को अपने राफेल सुखोई का जंगी बेडा बुलाना पड़ा.

दरअसल प्रिंट की ओर से जारी इस न्यूज़ को पढ़िए, जिसमे उन्होंने लिखा कि चीनी मिडिया ये दावा कर रही है कि चायनीज एयरफोर्स ने अपना परमाणु बमवर्षक विमान H6k भारतीय सीमा के करीब उडाते हुए हिमालय से तिब्बत की ओर भेजा, चीनी मीडिया के मुताबिक चीनी वायुसेना के ये बॉम्बर भारत के लिए एक चेतावनी थी, कि वो चीनी सिमा में हस्तक्षेप ना करे, चीनी सलाहकारों ने तो यह तक कह दिया कि H6 बॉम्बर परमाणु बॉम्ब्स के साथ लैंड अटैक क्रूज मिसाइल्स भी दाग सकता है जिनकी रेंज 200km तक बताई गई, ये बॉम्बर एक समय मे 6000km तक सफर तय कर लेते है जिनकी रेंज में भारत की राजधानी दिल्ली तक आती है, हालांकि चीनी मीडिया ये नही बताती की जिन बॉम्बर को उडाकर चीन हमें दमकाने की कोशिश कर रहा उँन्हे आज के जमाने मे रूस भी इस्तेमाल नही करता.

ये सोवियत संघ के वे पुराने बॉम्बर्स है, उड़ाने से पेहले 2 बार ख़र्चा करना पड़ता है तब जाकर है उड़ाने के लिए राजी होते है, चीन इन्हें इसलिए पाल रहा क्योकि एशिया में किसी बि देश के इतने बड़े प्लेन बॉम्बर के रूप में इस्तेमाल नही किये जाते और वैसे किसी को इसकी जरुरत भी नही पडती चीन H6 नाही स्टेल्थ तकनीक से लैस है नाही वो भारतीय रडारों से बच पायेगा, ये काफी पुराने जमाने के बॉम्बर है जिन्हें रुस भारत को कम कीमत में बेचने तैयार था लेकिन अब वो नही लिये ओर अपने पैसे बचाये, इराकी, इजिप्शन ओर खुद रशियन एयरफोर्स भी इन्हें रिटायर्ड कर चुकी है बल्कि रूस तो नए बॉम्बर्स बना राह है लेकिन इनसे दूरी बनाकर रखी है, जब सूचना के आधार पर भारत ने सुखोई राफेल कि एक फ्लीट लद्दाख के फोवर्ड एयर बेस से उड़ायी तो चीन का ये बॉम्बर उनके आने से पहले ही उल्टे पैर भाग खड़ा हुआ.

हालांकि ये बात भी उतनी ही सच है कि भारत के पास भी B52 या B2 जैसे बॉम्बर्स होने चाहिए क्योंकि इन चीनियों का कोई भरोसा नही वैसे आपका मन क्या केहता है क्या हमारे पास हेवी ड्यूटी बॉम्बर्स होने चाहिए.

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