HomeIndian Armyतेजस की 45 स्क्वाड्रन LAC पे तैनात चीन के होश उडे

तेजस की 45 स्क्वाड्रन LAC पे तैनात चीन के होश उडे

किसी ने सच कहा है कि भारत अब मूक दर्शक नही रहा, ये नया वाला हिंदुस्तान जितना शांती से समझा सकता है, उतनी ही कठोरता से प्रहार भी कर सकता है, आप भी जानते है कि बीते 3 हफ्तों से चीन अपने फाइटर प्लेन्स के जरिये LAC पर तनाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, वो जानबूझकर LAC के पास प्रतिदिन उड़ान भरकर, शांत हो चुके विवाद को फिरसे भड़काने का प्रयास कर रहे है, कहा जा रहा है कि चीन अपने विमानों के जरिये LAC के पास गश्त लगाकर भारतीय जवानों का जायजा लेने की कोशिश कर रहे थे, वे जानना चाहते है कि भारत ने अपने जवानों को कहा तक डिप्लॉय कर रखे है, हमारे मिसाइल्स सिस्टम की पोजीशन क्या है, टैंक कहा तैनात है, ओर सबसे खास की भारत का बारूद भंडार कहा पे स्टोर करके रखा है,

अगर आसान भाषा मे कहे तो चीन अपने जेट्स की मदद से भारतीय सेना की तैयारियों का जायजा लेना चाहता है, ताकि उसके अनुरूप आगे का प्लान बनाया जाए, लेकिन वो ऐसा कर नही पायेगा क्योंकि ऐसा करने के लिये चीनी विमानों को भारत के स्पेसिफिक जोन में दाखिल होना पडेगा, ओर वे हिम्मत करके हमारे स्पेसिफिक ज़ोन दाखिल हो भी ज्याते है तो उँन्हे सुखोई, राफेल ओर मिग-29 से सामना करना पड़ेगा, सिर्फ इन तीन जेट्स से नही तो अब चीन को तेजस का मुकाबला करने के लिए भी तैयार रेहना होगा, जी हां दोस्तो डिफेंस न्यूज़ के इस आर्टिकल के मुताबिक, भारतीय वायुसेना अब तेजस विमानों को भी लद्दाख में तैनात करने जा रही है, ओर ये पेहली बार होगा जब HAL के तेजस मार्क 1 लद्दाख में ऑफिशियली डिप्लॉय होंगे.

खबर के मुताबिक, तमिलनाडु के सुलूर एयरबेस पर तेजस विमानों की जो 45 स्क्वाड्रन यानी फ्लाइंग डैगर्स यूनिट है, वो पूरी यूनिट ही साउथ से हटवाकर ईस्टर्न फ्रंट पे लाने की तैयारी हो रही है, एयरफोर्स का केहना है कि चीनी लड़ाकू विमानों की विवादित हरकतों की वजेह से अब हमने मिग 29 ओर मिराज विमानों के बदले राफेल सुखोइ ओर तेजस की यूनिट को तैनात करने का फैसला किया है, क्योकि मिग 29 ओर मिराज काफी पुराने हो चुके है इसीलिए उँन्हे फारवर्ड पेट्रोलिंग के बजाय रिज़र्व ऑप्शन में रखा जायेगा, ओर फ्रंट मौर्चे के लिए तेजस राफेल ओर सुखोई आदि आगे रहेंगे, एयरफोर्स के मुताबिक थोड़े ही दिनों में सुलूर बेस पर मौजूद आधे से ज्यादया तेजस लद्दाख के फोवर्ड बेस पर तैनात हो जायेंगे, कहा जा है की 45 स्क्वाड्रन में अभी 16 तेजस ऑपरेशनल है, तो उसमें से 10 से 12 तेजस लद्दाख आएंगे, तो 4 तेजस वही सुलूर बेस पर तैनात रहेंगे.

एयरफोर्स का मानना है कि मिग ओर मिराज विमानों के मुकाबले तेजस की कोल्ड वेदर एबिलिटी ज्यादया है, मतलब मिग ओर मिराज के मुकाबले तेजस -15०C के हड्डियां जमा देने वाले तापमान में भी अच्छी पेट्रोलिंग कर लेता है, प्लस तेजस लाइट वेट ओर आकर में छोटा होने की वजेह से इसे लद्दाख की घनी पहाड़ियों में भी आसानी से उडाया जा सकता है, ओर तेजस रशियन मिग 29 से एडवांस फिचर्स से लैस है, यही कारण है कि अब तेजस को भी लद्दाख में तैनात किया जा रहा है, खैर इसपर आपकी क्या राय है, नीचे कमेंट करके जरुर बतायेगा.

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