HomeUncategorizedटाटा के आगे टैंक फेल LAC पर WH-2 टर्मिनेटर

टाटा के आगे टैंक फेल LAC पर WH-2 टर्मिनेटर

आप सभी को पता है कि DRDO HAL जैसी सरकारी कंपनियों की तरेह ओर एक प्राइवेट रक्षा विनिर्माण कंपनी है, जो 90 के दशक से ही भारतीय सेना के लिये अपनी तरफ से हो सके उतनी मदद करती आई है, सेना के जवानों को पेट्रोलिंग के लिए 4 बाय 4 गाडी चाहिये या टैंक बनाने के लिए स्टील ये देसी कंपनी कभी पीछे नही रही, ओर आज तो इस कंपनी ने वो मुकाम हासिल किया है, की खुद अमेरिकी बोइंग कंपनी अपने अपाचे हेलिकॉप्टर्स की एयरफ्रेम इस भारतीय कंपनी से बनाकर लेती है, सिर्फ अपाचे हेलिकॉप्टर्स नही तो इसी बोइंग कंपनी के F16 विमानों के विंग्स भी अब यही भारतीय कंपनी बंनाने वाली है, वैसे बात कर रहा हु, देश की सबसे भरोसेमंद ओर मददगार कंपनी टाटा की, दरअसल टाटा एडवांस सिस्टम की ओर से बड़ी ही अनोखी खबर आज सुनने को मिली, ओर अगर शेड्यूल के मुताबिक सब सही रहा तो टाटा का ये नया हथियार अगले साल के तिमाही में ही हमे देखने को मिलेगा,

आपको पता होगा कि अभी 12 अप्रैल को टाटा ओर DRDO के संयुक्त रूप से तैयार हुई व्हैप विकल की पेहली बैच भारतीय सेना में शामिल की जा चुकी है, व्हैप जिसे टाटा केस्ट्रेल भी कहते है ये एक आर्मड पर्सनल काररीर या इसे आर्मड अम्फिबियस विकल भी कही जाती है, जो एक समय 12 लोगों को यानी 3 चालक दल और 9 पैसेंजरर्स को एक जगेह से दूसरी जगेह ट्रांसपोर्ट कर सकती है, ये पूरी बुलेटप्रूफ, ग्रनेडप्रूफ ओर माइनप्रूफ बख्तरबंद गाड़ी है, जिसे टाटा के हाई स्ट्रेंथ स्टील के मोटी परत से बनाई गई है, व्हैप का जो पेहला संकरण यानी ये वाला मोडेल सिर्फ जवानों को एक जगेह से दूसरी जगेह ले जाने के लिए बनाया गया था, लेकिन अब टाटा ओर DRDO जो इसका मार्क 2 संकरण बना रहे है, जो लगभग सभी तरेह के हथियारों से लैस रहेगा,

डिफेंस न्यूज़ के मुताबिक, टाटा ने एन्टी टैंक गाइडेड मिसाइल विकल यानी व्हैप 2 पे काम शुरू कर दिया है, ये देश मे बनी पेहली बख्तरबंद गाड़ी होगी, जिंसमे से 3rd जनरेशन की नाग मिसाइल्स फायर की जा सकती है, पेहली वाली जो व्हैप थी उसमें सिर्फ 30mm की ऑटोकांनन गण ओर 7mm की कोऑक्सीअल मशीन हैं लगी थी लेकिन जो ये नई व्हैप बनेगी, उसके जरिये भारतीय जवान एक ही समय 6 नाग मिसाइल्स फायर कर सकेंगे, जो तकरीबन 7km तक मार लेती है, सिर्फ नाग मिसाइल नही, तो इसमे ग्रनेड, 40mm की एन्टी टैंक गण, स्मोक ग्रनेड, 2
360 मिसाइल्स वार्निंग सिस्टम, थर्मल कैमेरा ओर नाईट विज़न कैमेरा जैसे काफी सारी हाई टेक मिलिट्री फिचर्स दिए जा रहे है, टाटा का ये भी केहना है कि लद्दाख की पहाड़ियों में भी आसानी से चालई जा सके इस तरेह से व्हैप 2 को डिज़ाइन की जा रही है, देखा जाए तो इस समय भारतीय थलसेना को कम से कम 1500 इन्फेंट्री विकल्स की जरुरत है, क्योकि सेना के पास पेट्रोलिंग व्हीकल्स तो काफी है लेकिन इन्फेंट्री विकल्स की भारी कमी, ऊपर से जो गाड़िया ATGM मिसाइल फायर कर लेती है, ऐसे वाहन तो ना के बराबर है, तभी तो टाटा को व्हैप बनानी पड़ी, फिलहाल टाटा को सिर्फ 200 व्हैप का ऑडर्स मिला है जिसमें से 12 गाड़िया सेना को दी जा चुकी है.

आप बताना क्या सरकार ने टाटा को ओर बख्तरबंद वाहनों की ऑडर देनी चाहिए या फिर हमे यूरोप से मंगवानी चाहिये

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