HomeIndian Armyताइवान पे मिसाइल हमले भारत ने 24 जहाज भेजे

ताइवान पे मिसाइल हमले भारत ने 24 जहाज भेजे

वैसे देखा जाए तो इस समय ऐशिया में एक ही खबर वायरल है जो कि है चीन और ताइवान का जमीनी विवाद वैसे इस दुनिया मे हर कोई जमीन के लिये लढ रहा है, फिर चाहे रूस युक्रेन युद्ध हो, पाक तालिबान हो, इजराइल फलिस्तीन हो, अर्मेनिया अजरबैजान हो या फिर भारत चीन का LAC विवाद हो, सब विवाद की असल वजेह तो जमीन ही है, खैर अमेरिका की हाउस स्पीकर, नैन्सी पेलोसी का 19 घंटे का ताइवान दौरा खत्म हो गया है, लेकिन अभी भी चीन बौखलाहट कम नहीं हो रही, आपको याद होगा नैन्सी पेलोसी के दौरे से पहले ही चीन युद्ध की धमकी दे रहा था, पर अब जो रिपोर्ट्स निकलकर आ रही है उसके के मुताबिक चीन ने ताइवानी सीमा के नजदीक युद्ध अभ्यास शुरू कर दिया है, बल्कि चीनी मीडिया ने ये तक घोषणा कर दी की कुछ ही घंटों में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ताइवान पर मिसाइल दागनी भी शुरू कर देगी.

हालाकि केहने ओर करने में फर्क है, चीन में रूस जितनी हिम्मत नही की आज युद्ध की धमकी दी और कल दोपहर तक जंग शुरू भी कर दी, मैने तो पेहले भी कहा है कि चीन अपनी मीडिया के जरिये दिखावा काफी करता है और इस समय भी वो कुछ ऐसा ही कर रहा है ताकि यरोप का ध्यान उसकी तरेह आकर्षित हो, खैर चीन ताइवान के साथ सीधी जंग लढेगा या नही वो तो वक्त ही बताया लेकिन इस समय चीन जो ताइवान के साथ व्यस्त है, तो इस बात का फायदा उठाकर भारत ने मालदीव में बडी गेम कर दी, दरअसल खबर निकलकर आ रही है कि मालदीव में अपनी मरीन सिक्योरिटी को बूस्ट देने के लिए भारत ने कैरीब 24 जहाज मालदीव के लिये रवाना करने की घोषणा की है, मालदीव वो जगेह है जहा नैसर्गिक खनिज संपति की कोई कमी नही प्लस मालदीव के रास्ते काफी सारे विदेशी जहाज भी आते जाते रहते है,

ओर चीन इसीपर कब्जा करने की मंशा रखता है, ताकि मालदीव से खनिज संपति भी लूट सके, प्लस मालदीव में अपने सैन्य अड्डे बनाकर हिन्द महासागर में अवैध गतिविधिया बढाई जा सके, लेकिन फिलहाल के लिए वो ऐसा नही कर सकता क्योकि चीन ने कुछ करने से पहले ही भारत ने मालदीव सरकार से बात इंडिया मालदीव मरीन सिक्युरिटी स्थापना कर दी है, ओर इसी मरीन सिक्योरिटी को ओर बेहतर बनाने के लिए भारत की ओर से करीब 24 जहाज मालदीव भेजे जा रहे है, जिसमे वॉरशिप्स, लैंडिंग क्राफ्ट असॉल्ट शिप, फ्रिगेट ओर कुछ नेवल गश्ती बोट्स आदि शामिल है, सिर्फ नोसैनिक जहाज नही तो हमारी ओर से मालदीव को 50 मिलीयन डॉलर की क्रेडिट लाइन भी दी जा चुकी है जिसका इस्तेमाल करके मालदीव भारत से मनचाहे हथियार खरीद सकेगा.

इसे भारत का बड़ा मास्टरस्ट्रोक भी कहा जा रहा है, क्योकि जो मालदीव पेहले चीन के इशारों पे नाचता था, उसी मालदीव को अब भारत सुरक्षा मुहैया कर रहा है, हालाकि मालदीव में भारत के जहाज एक्टिव हो जाते है तो हिन्द हिमसागर की सीमा ओर भी बढ़ जाएंगी प्लस भारत यह नये बंदरगाह बनाकर मोटे पैसे भी कम सकता है.

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments