अरे! DRDO को कोई रोको- चीन तेजस से ब्रह्मोस परिक्षण

दोस्तों आज से डेढ़ साल पेहले भारत चीन के बीच बढ़ते तनाव की वजेह से गलवान घाटी में जो हिंसक झड़प हुई ओर उसके बाद DRDO ने मिसाइल टेस्ट का जो सिलसिला शुरू कर सिया था उससे हर कोई हैरान था मेहेज 45 दिनों में 11 अगल अलग मिसाइलों का सफल टेस्ट कर DRDO ने चीन समेत पूरी दुनिया को हैरत में डाल दिया था, क्योकि उसी मिसाइल परीक्षणों में हाइपरसोनिक टेस्ट भी शामिल था, ओर आज फिर DRDO वही कारनामा फिरसे दोहराने जा रहा, जी हा दोस्तो DRDO के वैज्ञानिक इसबार सबसे क्रूशियल टेस्ट करने जा रहे है एक ऐसा टेस्ट जिसे भारत का तेजस जेट अंजाम देगा.

दरअसल दोस्तो डिफेंस न्यूज़ की खबर के मुताबिक DRDO ने इस बार 2 नोटम जारी किए है एक है 740km के लिए ओर एक 1272km के एरिया के लिए ये दोनों ही परीक्षण 16 से 24 तारीख में बीच परफॉर्म होंगे बताया जाता है जो लंबी दूरी वाला नोटम यानी 1272km का एरिया दिखाया गया वो खासकर बैलिस्टिक मिसाइल के लिए है जबकि 740km वाला नोटम क्रूज मिसाइल के लिए है, ओर कयास लगाए जा रहे है कि सुखोइ के बाद अब तेजस विमान से ब्रह्मोस के परीक्षण की तैयारिया की जा रही है, मैने आपसे पेहले भी कहा था कि मंत्रालय की तरफ से सेना को आदेश ही जारी किए है कि जितने ब्रह्मोस को हो सके उतने विमानों पे ऑपेरशनल की जाए क्योकि एक ही एक हथियार है जो हमे चीन के खिलाफ निर्णायक जीत दिला सकता है.

ओर श्यायद यही वजेह होगी कि पिनाका रोकेट्स, संत मिसाइल, ब्रह्मोस A, VL SAAM ओर स्मार्ट टोपिडो का सफल टेस्ट करने के बाद अब तेजस से ब्रह्मोस दागने की तैयारिया हो रही है, हालांकि ये परीक्षण पेहली ही जाता लेकिन कुछ दिनों से जो खराब मौसम चल रहा था उसकी वजेह से DRDO ने अपने सभी परीक्षण ठप्प कर दिए थे लेकिन अब मिसाइल टेस्ट की मानो बारिश हो रही है, अगर दावे के मुताबिक सचमे तेजस विमान से ब्रह्मोस फायर की जाती है तो चीन पाक का JF17 मुह दिखाने के लायक नही रहेगा, साथ दुनिया की सबसे तेज मिसाइल को लांच कर तेजस योरोपियन कंट्रीज में अपना नाम भी कमा सकेगा, तो देखा जाए तेजस के लिए भी ये परीक्षण मेहत्वपूर्ण रेहने वाला है, वैसे इस परीक्षण की शुभकामनाएं के तौरपर आप सभी DRDO को एक जय हिंद जरूर लिखे.